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शेयर बाजार के बारे में विस्तृत ज्ञान | Learn Stock Market in Hindi

शेयर बाजार के बारे में विस्तृत ज्ञान | Learn Stock Market in Hindi 


Stock Marketयहां आपको Stock Market का विस्तृत ज्ञान मिलेगा आपने लोगों को इसके बारे में अक्सर बात करते देखा होगा , और अक्सर इससे जुडी पोस्ट आपने इंटरनेट पर बहुत सी देखी होंगी पर क्या आपको पता है की ज्यादातर पोस्ट आपको इस चीज़ की सही जानकारी नहीं देती बल्कि वहां पर मौजूद आधी अधूरी जानकारी से यह आपको उल्टा असमंजश में और डाल देती है.

कई लोग शेयर मार्केट में निवेश करना चाहते हैं पर Stock Market के बारे में उनको सही जानकारी न होने के कारण या तो वे Share Market में Invest करने से बचते है और शेयर में पैसे नहीं लगाते या फिर Share Market में अपने पैसे लगाकर खो देते है. स्टॉक मार्केट या फिर शेयर मार्केट इसके बहुत सारे नाम है और अलग अलग लोगों द्वारा यह अलग अलग नामों से जानी जाती है. “Share” जो की अंग्रेजी भाषा का शब्द है. इसके सबसे साधारण और आसान अर्थ “हिस्सा” होता है. और शेयर मार्केट जो है वो इसी “हिस्से” यानी की “share” वाले सिद्धांत पर काम करती है.

Stock Exchange in India

BSE (Bombay Stock Exchange) भारत का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज माना जाता है. इसकी स्थापना 1875 में भारत के पहले स्टॉक एक्सचेंज के रूप में की गयी थी. भारत का दूसरा स्टॉक एक्सचेंज NSE (National stock exchange of India) है. इसकी स्थापना 1992 में भारत के पहले demutualized इलेक्ट्रॉनिक स्टॉक एक्सचेंज के रूप में की गयी थी.

तो आइये जानते है की आखिर ये स्टॉक मार्केट क्या होता है? और यह किस प्रकार से काम करती है. तो आज की हमारी पोस्ट शेयर मार्किट से जुडी सारी जानकारी देने की कोशिश करेगी जिससे आप ज्यादा नुकसान उठाने से बचें और स्टॉक मार्केट के अच्छी जानकारी भी प्राप्त कर सकें. तो फिर बिना देरी किये चलिए शुरू करते हैं और Stock Market in Hindi के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त करते हैं.

स्टॉक मार्केट क्या है – What is Stock Market in Hindi

जैसा की हम जानते है की लोग शेयर मार्केट या Stock Market को अलग अलग नाम से जानते है और ये मैंने पहले ही बताया की शेयर का सीधा अर्थ होता होता है “हिस्सा” शेयर बाजार में किसी कंपनी में हिस्से को शेयर कह सकते है.
उदहारण के तौर पर मान लीजिये की एक कंपनी ने एक लाख शेयर जारी किये है. अब अगर कोई व्यक्ति उस कंपनी में जितने शेयर खरीदता है वो उस कंपनी में उतने हिस्से का मालिक हो जाता है. जैसे किसी व्यक्ति ने कंपनी में 1 लाख में से 40,000 शेयर खरीद लिए तो उसका हिस्सा उस कंपनी में 40% हो जायेगा. और वो उस 40% हिस्से का मालिक हो जाएगा.

Stocks किसी भी कंपनी में व्यक्ति की हिस्सेदारी को दिखाता है. और वो व्यक्ति जब चाहे तब अपने शेयर दूसरो को बेच सकता है या फिर दुसरे व्यक्ति के शेयर खरीद सकता है.

कंपनियों के शेयरों या Stocks का मूल्य BSE में दर्ज होता है. सभी कंपनियों के stocks का मूल्य कंपनी की लाभदायक क्षमता के अनुसार कम या फिर ज्यादा होता रहता है. पूरे बाजार में नियंत्रण बनाये रखने का काम भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के द्वारा किया जाता है. जब SEBI किसी कंपनी को अनुमति देती है तब ही कोई कंपनी अपना Initial public offering जारी कर सकती है बिना SEBI की अनुमति के कोई भी कंपनी IPO जारी नहीं कर सकती.

Stock Market में कंपनी कब दिखती है?

Stock market में listed होने या फिर दिखने के लिए कंपनी को Exchange से लिखित रूप में कई समझौते करने पडते है, उस समझोते के तहत कंपनी को अपनी हर गतिविधि की जानकारी बाजार को समय-समय पर देनी पड़ती है, इन जानकारियों में ऐसी जानकारियां भी होती है जिससे निवेशकों के हितों पर ऎसे पड़ता हो.

कंपनी द्वारा दी गयी जानकारियों के आधार पर कंपनी का मूल्यांकन किया जाता है और इस मूल्यांकन के आधार पर मांग घटने-बढ़ने पर उस कंपनी के शेयरों की कीमतों में उतार-चढाव आता रहता है. अगर कोई भी कंपनी लिस्टिंग समझौते के नियमों का पालन नहीं करती और नियमो के उल्लंघन की दोषी पायी जाती है तो उसे एक्सचेंज से हटाने का काम करने की कार्रवाई SEBI द्वारा की जायेगी.

इसके अलावा भी कंपनी को स्टॉक मार्केट में दिखने के लिए काफी चीज़ों से गुजरना पड़ता है. जैसे के पिछले 3 साल का कंपनी का पूरा रिकॉर्ड,कंपनी का मार्किट में 25 करोड़ से ऊपर हिस्सा , IPO के लिए आवेदक कंपनी की पूँजी कम से कम ₹10Cr. और FPO के लिए ₹ 3 CR. होनी चाहिए. इन सब चीज़ों के अलावा भी कई चीज़ों पर ध्यान दिया जाता है जब कंपनी की listing की जाती है. किसी कंपनी की listing होने के लिए उसको कड़े नियमो का पालन करना होता है.

शेयर/स्टॉक कितने प्रकार के होते है?

शेयर कई प्रकार के हो सकते है और अलग अलग लोग इन्हें अलग अलग रूप से परिभाषित करते है. पर शेयर को हम मुख्यत 3 रूप में बाँट सकते है. आइये जानते है share के प्रकार :-

1.) Common Shares – इन्हें कोई भी व्यक्ति खरीद सकता है. तथा जरुरत पढ़ने पर बेच सकता है. यह सबसे आम तरीके के शेयर होते है.

2.) Bonus Shares – जब कोई कंपनी अच्छा मुनाफा करती है और वह कंपनी अपने शेयर धारकों को उसका कुछ हिस्सा देना चाहती है. इसके बदले वो पैसा नहीं देना चाहती और अगर शेयर देती है इसे बोनस शेयर कहते है.

3.) Preferred Shares – यह शेयर कंपनी द्वारा कुछ ख़ास लोगों के लिए ही लाया जाता है. जब कोई कंपनी को पैसे की जरुरत होती है और वह मार्किट से कुछ पैसा जुटाना चाहती है तो वह जो शेयर जारी करेगी वह उन्हें खरीदने का पहला अधिकार कुछ खास लोगो को ही देगी. जैसे की किसी कंपनी में काम करने वाले कर्मचारी. इस तरह के शेयर बहुत सुरक्षित माने जाते है.

Stocks कैसे खरीदे

Stocks खरीदने के लिए सबसे पहले आपको निर्णय लेना होगा की आप खुद stocks खरीदना चाहेंगे या किसी ब्रोकर की सहायता लेंगे. उसके बाद ही आगे बढ़ा जा सकता है.

यदि आप broker की सहायता लेते है तो सबसे पहले आपको अपना अकाउंट खुलवाना होगा.जिसे Demat अकाउंट कहते है. जो की आप अपने ब्रोकर के माध्यम से खुलवा सकते है. ब्रोकर के जरिये स्टॉल खरीदने में काफी फायदा होता है एक तो आपको अच्छा मार्गदर्शन मिलेगा और दूसरा आपको स्टॉक मार्केट की पूरी जानकारी हो जायेगी. ब्रोकर आपसे मदद करने और स्टॉक की जानकारी आदि के लिए वो पैसे या फिर स्टॉक में मुनाफे का हिस्सा लेते हैं.

भारत में 2 ही स्टॉक एक्सचेंज है. NSE और दूसरा BSE . जो कंपनियां इनमे लिस्टेड होती है सिर्फ उन्ही में स्टॉक खरीदे या बेचे जा सकते है.

जब भी आप किसी शेयर की खरीदफरोख्त करते है तो उसका पैसा आपके demat अकाउंट में ही आता है आपका डिमैट अकाउंट आपके बैंक अकाउंट से लिंक होता है. आप अपने डिमैट अकाउंट से आसानी से पैसा अपने बैंक अकाउंट में भेज सकते है.

स्टॉक मार्केट में Trading क्या है hindi में?

Trading” यह शब्द stock market में काफी लोकप्रिय और बहुत ज्यादा उपयोग में लाया जाता है. इस शब्द का हिंदी में अर्थ “व्यापर” होता है जब भी हम किसी वस्तु या फिर किसी सेवा को इस उद्देश्य के साथ खरीदते है कि उस वस्तु और सेवा को कुछ समय तक रखने के बाद उसे बेच कर हम उस से लाभ कमाएंगे तो इस कार्य को “Trading” कहा जा सकता है.

ठीक इसी प्रकार से जब कोई व्यक्ति stock market में कोई स्टॉक खरीदता है तो उस व्यक्ति का मुख्य उद्देश्य होता है की उस stock के भाव ऊपर जाने के बाद वो उस stock को बेच कर लाभ कमा सके. इस लाभ कमाने के लिए खरीदे और बेचे जाने वाले स्टॉक की पूरी प्रक्रिया को “Trading” कहते है.

Trading कितने प्रकार की होती है?

वेसे तो Trading के कई प्रकार हो सकते है. पर मुख्य रूप से 3 तरह के trading ही लोगों द्वारा काफी पसंद किये जाते है और उपयोग किये जाते है.

1) Intra-day Trading : ऐसे trades जो की एक दिन के अन्दर ही पूरे कर लिए जाये वो intra day trading कहलाती है. Intra-day trading में stocks को उसी दिन खरीद कर उसी दिन बेचने का कार्य किया जाता है.

2) Scalper Trading : ऐसे trade जो की खरीदने के कुछ मिनटों के अंदर ही बेच दिए जाएँ उन्हें scalper trading कहा जाता है. इसमें अक्सर 5 से 10 मिनट के अंदर शेयर खरीद कर बेच दिए जाते है. इस तरह के शेयर में मुनाफा अधिक होता है. पर इसमें मुनाफा तभी ज्यादा हो सकता है जब इसमें निवेश की गयी रकम ज्यादा हो. इसमें नुकसान होने के भी ज्यादा मौके होते है क्योंकि लगायी गयी रकम भी ज्यादा होती है.

3) Swing Trading : इसमें trading की प्रक्रिया कुछ दिन , हफ़्तों या महीनों में पूरे कर ली जाते है. स्टॉक खरीदने के बाद निवेशक कुछ् समय जैसे हफ्ते या महीने तक अपने पास रखते है. उसके बाद stocks का भाव बढ़ने के बाद इंतज़ार करते है और जब सही भाव मिल जाता है. तो उसे बेच देते है | इसे Delivery Trading भी कहा जाता है |

Stock Market एक खतरनाक खेल

Stock Market को लोगों द्वारा एक खतरनाक खेल माना जाता है. जिसमे आदमी सिर्फ डूबता ही है पर ऐसा बिलकुल भी नहीं है. यह धारणा पूरी तरह से गलत है. अगर सही तरीके और संयम के साथ स्टॉक मार्केट में निवेश किया जाए तो व्यक्ति इस चीज़ में काफी मुनाफा भी कर सकता है. पर इसमें कूदने से पहले व्यक्ति को इसके बारे में अधिक से अधिक जानकारी ले लेना बहुत ही ज्यादा आवश्यक है. अधूरी जानकारी हमेशा से ही खतरनाक रही है.

मगर इसका मतलब यह कतई नहीं है कि स्टॉक मार्केट में निवेश नहीं करना चाहिए या फिर निवेश करने के लिए कोई अलग तरह की प्रतिभा या योग्यता होनी चाहिए. कोई भी कोशिश करके शेयर बाजार की जानकारी लेकर इसमें निवेश करके अपने अनुभव के साथ, स्टॉक मार्केट में निवेश के क्षेत्र में माहारथी बन सकता है |

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