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GOOD SLEEP IS NECESARRY FOR PHYSICAL AND MENTAL HEALTH







Physical and mental health – कॉरोना काल में जीवन शैली बदलने के कारण नींद में कमी देखी गई है. अच्छी नींद हमारी थकान को दूर करके रिफ्रेश करती है. अपने जीवन में प्रयः नींद को हम कम महत्व देते हैं. बेहतर नींद हमें कई रोगों से दूर रखती है. अच्छी नींद पाने के लिए विशेषज्ञ पौष्टिक आहार लेने की सलाह देते हैं. 
यह में शारीरिक तौर पर ही नहीं, बल्कि मानसिक तौर पर भी सेहतमंद बनाता है. अच्छी नींद के लिए एक व्यक्ति को 7 से 8 घंटे सोना चाहिए. पूरे विश्व में सोने के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए कई कार्यक्रम चलाए जाते हैं. इसका मकसद है दुनिया भर के लोगों को नींद के महत्व के प्रति जागरूक करना.

नींद ना आने के कारण किया है? Physical and mental health |

आमतौर पर देर रात तक जागना यार कम नींद लेने की आदत स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकती है. कई कारण हैं, जिनकी वजह से लोग अच्छी नींद नहीं ले पाते. किसी प्रकार का दबाव, अवसाद और बदली दिनचर्या के कारण बेहतर नींद में बाधा पहुंचती है. इसका नकारात्मक असर सेहत पर पड़ता है.
भोजन में चार प्रकार के मुख्य विटामिन और खनिज अच्छी नींद के लिए जरूरी है, जिसमें ट्रिप्टोफन ( एक आवश्यक अमीनो एसिड ) मैग्नीशियम, कैल्शियम और B 6 शामिल है. यह चारों तत्व मेलाटोनिन नामक हार्मोन का निर्माण करते हैं, जो नियमित सोने और जागने के लिए जिम्मेदार होते हैं.

शरीर में पोटेशियम की कमी नींद नहीं आने की वजह बन सकती है. पर्याप्त मात्रा में विटामिन डी की कमी होने से समस्या हो सकती है. सूर्य की रोशनी इस विटामिन का एक प्रमुख स्रोत है.
सप्ताह में दो से तीन बार 30 मिनट के लिए शरीर को धूप में रखें. इसके अलावा, भरपूर पोस्टिक आहार लें. इसके लिए अंडा, पनीर, मछली, बींस, कद्दू के बीज को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं. इससे आपको मेटाबॉलिज्म अच्छा रहता है.

भरपूर नींद के लिए कुछ आसान टिप्स | Physical and mental health |

स्वास्थ्य विशेषज्ञ अच्छी नींद लेने के लिए दवा नहीं लेने का प्रमर्श देते हैं. इसके कई साइड इफेक्ट होते हैं. एक बार दवा लेने के बाद यह आदत बन जाती है. जो लॉन्ग टर्म में हमारे स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाती है. नीचे ऐसे उदाहरण दिए गए हैं, जिसको अपना कर आप अच्छी नींद ले सकते हैं.

  • रोज मेडिटेशन करे : जब अच्छी नींद नहीं लेने के कारण हम तनाव में आ जाते हैं, तो मेडिटेशन करना चाहिए. इससे हमारा मन शांत रहता है और नींद भरपूर आती है. यह तनाव को कम करने में मदद करता है. माइंड को क्रिएटिव बनाता है. 
  • लाइट एक्स्पोज़र कम करे : खास तौर पर ब्लू लाइट के एक्सपोजर को कम करना चाहिए. स्मार्ट फोन और कंप्यूटर जैसे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज से अधिक मात्र में ब्लू लाइट का उत्सर्जन होता है. इससे नींद में बाधा पहुंचती है.
  • सोने से पहले कैफ़ीन का इस्तेमाल करें : सोने से 6 घंटे पहले काफन का इस्तेमाल ना करें. यह हमारे तंत्रिका तंत्र को उत्तेजित करता है, जिससे नींद नहीं आती है. Cafen युक्त चॉकलेट नहीं खानी चाहिए. यह आप को घंटों तक जगाए रखता है.
  • दिन में लंबे समय तक झपकी लेना बंद करे : हल्की झपकी लेना स्वास्थ के लिए लाभदायक है. यदि आप लंबे समय तक नियमित ऐसा करते हैं, तो इससे रात में आपकी नींद खराब होगी. साथ ही, इसका दुष्प्रभाव स्वास्थ्य पर पड़ेगा. 
  • सोने से तुरंत पहले भोजन नहीं करे : रात को सोने से तुरंत पहले भोजन नहीं करना चाहिए. इससे शरीर की स्लीप साइकिल प्रभावित होती है. भोजन के पाचन में भी समस्या आ सकती है. सोने और रात्रि भोजन में न्यूनतम 3 घंटे का अंतराल रखे.

अनिद्रा से इन बीमारियों का खतरा | Physical and mental health |

प्रसिद्ध चिकित्सक पद्मश्री डॉ के के अग्रवाल ( आईएमए के पूर्व अध्यक्ष ) का इस बारे में कहना है कि ज्यादातर लोगों को यह जानकारी ही नहीं होती कि मोटापा, तनाव, हाइपरटेंशन, मधुमेह और दिल से जुड़ी कई बीमारियां अनियमित नींद से जुड़ी हुई है.

इससे ना केवल स्वास्थ्य प्रभावित होता है, बल्कि रिश्तो में तनाव भी बढ़ता है. इनका मानना है कि ज्यादातर युवा देर जागने के लिए cafen और एनर्जी ड्रिंक पर निर्भर रहते हैं, जिससे उनकी कार्यक्षमता पर प्रतिकूल असर पड़ता है. इसके साथ ही, चिड़चिड़ापन महसूस करना, बेचैनी होना जैसी बीमारी हो सकती है. अक्सर नींद से जुड़ी बीमारियों के प्रति जागरूकता की कमी देखी गई है. 

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